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Rahul Pandey


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आलोचना के बहाने

Posted On: 28 Apr, 2013  
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Others लोकल टिकेट में

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असुरक्षात्मक मौन का दौर

Posted On: 7 Jul, 2012  
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Others टेक्नोलोजी टी टी लोकल टिकेट में

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आओ बारिश….आओ ना…

Posted On: 27 Jun, 2012  
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Others मस्ती मालगाड़ी लोकल टिकेट में

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हम देखेंगे.

Posted On: 16 Jan, 2012  
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मन न रंगायो…

Posted On: 13 Jan, 2012  
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ख़ज़ाना हमारा है …

Posted On: 26 Dec, 2011  
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उंगली से उबकाई

Posted On: 24 Dec, 2011  
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मंहगी उबकाई

Posted On: 24 Dec, 2011  
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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

यह समझना मुश्‍कि‍ल नहीं है कि सामंती पूंजीवाद वर्ग संघर्ष को दबाने और कुचलने के लि‍ए कैसे कैसे हथकंडे अपनाता होगा। उदाहरण के लि‍ए इनका सबसे आसान टारगेट स्‍त्री पुरुष संबंधों को ही लेते हैं। इन संबंधों में अभी तक सबसे ज्‍यादा फायदा सामंतवाद ने उठाया है। स्‍त्री पुरुष संबंधों की सामंती सोच स्‍त्री पारगमन को पाप मानती है, पुरुषों को भी एक हद तक ही छोड़ती है। इसे तकनीकी हि‍साब से समझें तो जि‍स नट में बोल्‍ट फि‍ट कर दि‍या गया, अब उसी नट में फि‍ट रहेगा। न तो वह खुलेगा और न ही दूसरे नट में फि‍ट होगा, भले ही उसमें कि‍तनी भी जंग लग जाए, वो सड़ जाए। शायद उन्‍हें नहीं पता कि दुनि‍या में एक ही साइज के अनगि‍नत नट बोल्‍ट बनते हैं। बहरहाल, यदि स्‍त्री को परपुरुष से प्रेम होता है या वह अपनी इच्‍छा से परपुरुष से संबंध बनाती है तो सामंती पूंजीवाद की यह फसल तपाक से उसे पाप कहने लगती है। बिलकुल सही लिखा है , अच्छा लिखते हैं आप

के द्वारा: yogi sarswat yogi sarswat

के द्वारा: Rahul Pandey Rahul Pandey

के द्वारा: Rahul Pandey Rahul Pandey

के द्वारा: डॉ. मनोज रस्तोगी डॉ. मनोज रस्तोगी

मंहगी उबकाई बाजार नाम से इस ब्लॉग में कमाल की जानकारी दी ह़े आपने / में भी दिल , शुगर का मरीज पिछले ६ वर्ष से हूँ / डाक्टर साहब ने पेन्ताप्रोजोल साल्ट की टब हर रोज के लिए दी ह़े / रोज पेन्टोप ४० mg खाता हूँ / परन्तु आज समझ में वाकई नहीं आता आखिर एसिड की दवाई बुखार या अन्य रोगों में क्यों दी जाती ह़े / शायद आपका तरक ठीक ह़े / में जिस दिन गोली नहीं खाता छाती जकड जाती ह़े /शायद गोली का आदि बन गया हूँ / सचमुच डॉक्टर आज कल कुछ ज्यादा ही दवाई लिखते हें चाहे वो कमीशन का लालच हो या रोग की जरूरत या फिर निदान की कम जानकारी / भाई साहब खरबूजा चाकू पर गिरे या चाकू खरबूजे पर दोनों हालत में कटता तो खरबूजा ही ह़े / फिर भी जागरूक करने के लिए धन्यवाद / आप को दवाई के साल्ट की अच्छी जानकारी ह़े / जनहित में कृप्या सस्ती दवाई का उलेख कीजिये

के द्वारा: satish3840 satish3840




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